अमृतसर: वाघा बॉर्डर पर हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने पाकिस्तान को शर्मिंदा कर दिया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पाकिस्तान की ओर परेड ग्राउंड बारिश के पानी से पूरी तरह जलमग्न है और पाक रेंजर्स घुटनों तक पानी में खड़े हैं। वहीं भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) का क्षेत्र साफ-सुथरा और लगभग पानी रहित दिख रहा है। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय पक्ष पर ग्रैंड ट्रंक रोड (GT रोड) की ऊंचाई बढ़ा दी गई है, जिसकी वजह से पानी पाकिस्तान की ओर जमा हो रहा है।
सच्चाई तो कुछ और है
हकीकत यह है कि भारत ने पहले ही वाघा-अटारी बॉर्डर पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) और जल निकासी प्रणाली को बेहतर कर लिया है। इस कारण भारतीय क्षेत्र में पानी भरने की स्थिति नहीं बनती। वहीं पाकिस्तान लगातार हो रही मूसलधार बारिश और बाढ़ से जूझ रहा है। परेड स्थल पर पाकिस्तानी क्षेत्र की हालत इतनी खराब हो गई कि वहां जगह-जगह कीचड़ और घुटनों तक पानी जमा हो गया। हालात से निपटने के लिए पाक रेंजर्स ने रेत की बोरियां लगाकर पानी रोकने की कोशिश की।
पाकिस्तानियों की खुल गई पोल
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारियों से GT रोड की ऊंचाई को लेकर शिकायत भी की है। जल्दबाजी में पाकिस्तानी पक्ष ने जल निकासी के लिए कुछ नाले बनाए और सड़क का एक हिस्सा ऊंचा कर पानी बहाने की कोशिश की। लेकिन लगातार भारी बारिश ने पाकिस्तान की सभी तैयारियों की पोल खोल दी।
पाकिस्तान के आरोप पर भारत का जवाब
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के आईजी अतुल फुलज़ेले ने कहा कि 8-9 अगस्त को पंजाब क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। संभव है कि वायरल वीडियो उसी दौरान का हो। उन्होंने साफ किया कि वाघा-अटारी, हुसैनीवाला और सादकी—तीनों स्थानों पर होने वाले झंडा उतारने के समारोह स्थल पर किसी भी तरह की जलभराव की स्थिति नहीं हुई। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब फ्रंटियर के कई बॉर्डर आउटपोस्ट (BoPs) भारी बारिश के चलते जलमग्न हो गए थे। कुछ चौकियों को खाली भी कराना पड़ा। विशेषकर वे चौकियां, जो रावी नदी के पार भारत की ओर की एनक्लेव्स में स्थित हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमा से पहले आती हैं, वहां बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
बाढ़ से जूझ रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के कई हिस्से इस समय बाढ़ की चपेट में हैं। वाघा बॉर्डर पर वायरल हुआ यह दृश्य केवल उस बड़ी त्रासदी की एक झलक है। लगातार हो रही बरसात ने पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। वहीं भारतीय पक्ष की साफ और व्यवस्थित परेड ग्राउंड ने एक बार फिर दोनों देशों के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन क्षमता का अंतर दुनिया के सामने रख दिया है।
सच्चाई तो कुछ और है
हकीकत यह है कि भारत ने पहले ही वाघा-अटारी बॉर्डर पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) और जल निकासी प्रणाली को बेहतर कर लिया है। इस कारण भारतीय क्षेत्र में पानी भरने की स्थिति नहीं बनती। वहीं पाकिस्तान लगातार हो रही मूसलधार बारिश और बाढ़ से जूझ रहा है। परेड स्थल पर पाकिस्तानी क्षेत्र की हालत इतनी खराब हो गई कि वहां जगह-जगह कीचड़ और घुटनों तक पानी जमा हो गया। हालात से निपटने के लिए पाक रेंजर्स ने रेत की बोरियां लगाकर पानी रोकने की कोशिश की।
#PunjabFloods
— Subcontinental Defender 🛃 (@Anti_Separatist) August 27, 2025
📍Wagah🇵🇰-🇮🇳Attari International Border pic.twitter.com/XyCCpz4qdz
पाकिस्तानियों की खुल गई पोल
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारियों से GT रोड की ऊंचाई को लेकर शिकायत भी की है। जल्दबाजी में पाकिस्तानी पक्ष ने जल निकासी के लिए कुछ नाले बनाए और सड़क का एक हिस्सा ऊंचा कर पानी बहाने की कोशिश की। लेकिन लगातार भारी बारिश ने पाकिस्तान की सभी तैयारियों की पोल खोल दी।
पाकिस्तान के आरोप पर भारत का जवाब
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के आईजी अतुल फुलज़ेले ने कहा कि 8-9 अगस्त को पंजाब क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। संभव है कि वायरल वीडियो उसी दौरान का हो। उन्होंने साफ किया कि वाघा-अटारी, हुसैनीवाला और सादकी—तीनों स्थानों पर होने वाले झंडा उतारने के समारोह स्थल पर किसी भी तरह की जलभराव की स्थिति नहीं हुई। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब फ्रंटियर के कई बॉर्डर आउटपोस्ट (BoPs) भारी बारिश के चलते जलमग्न हो गए थे। कुछ चौकियों को खाली भी कराना पड़ा। विशेषकर वे चौकियां, जो रावी नदी के पार भारत की ओर की एनक्लेव्स में स्थित हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमा से पहले आती हैं, वहां बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
बाढ़ से जूझ रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के कई हिस्से इस समय बाढ़ की चपेट में हैं। वाघा बॉर्डर पर वायरल हुआ यह दृश्य केवल उस बड़ी त्रासदी की एक झलक है। लगातार हो रही बरसात ने पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। वहीं भारतीय पक्ष की साफ और व्यवस्थित परेड ग्राउंड ने एक बार फिर दोनों देशों के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन क्षमता का अंतर दुनिया के सामने रख दिया है।
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